
दलजीत कौर/चंडीगढ़, 28 मई, 2023: भाकियू (एकता-उगराहां) एवं पंजाब खेत मजदूर यूनियन के आमंत्रण पर महिला पहलवानों के पक्ष में और डॉ. नवशरण को झूठे मामले में फंसाने की मोदी सरकार की कोशिशों के खिलाफ हजारों महिलाओं ने आज गवर्नर हाउस की ओर कूच किया व रोष मार्च निकाला गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि यौन उत्पीड़न के आरोप में दो मामलों में नामजद भाजपा सांसद व कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण को गिरफ्तार किया जाए। आज महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार लडकियों को रिहा किया जाए। जंतर-मंतर पर पुलिस घेराव हटाया जाए, लोकतांत्रिक अधिकारों की जानी-मानी हस्ती डॉ. नवशरण का ईडी के जरिए हो रहे उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए एवं नवशरण व अन्य महिला कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे लगाने की कोशिशों को रद्द किया जाए, गिरफ्तार समर्थक जन बुद्धिजीवियों और लोकतांत्रिक अधिकारों के कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाना चाहिए, एवं सभी संस्थानों में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण की गारंटी दी जानी चाहिए।
राज्यपाल भवन तक मार्च से पहले, गुरुद्वारा अंब साहिब के पास महिलाओं की विशाल रैली में महिला किसान नेता हरिंदर बिंदू, कुलदीप कौर कुस्सा, महिला खेत मजदूर नेता परमजीत कौर सलेमगढ़ के अलावा कमलजीत कौर बरनाला, बीकेयू एकता की प्रदेश अध्यक्ष मनदीप कौर बारां ने भाग लिया। भारतीय किसान यूनियन एकता-ऊगराहां की ओर से जोगिंदर सिंह उग्रहां, महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां, पंजाब खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोरा सिंह नसराली व महासचिव लछमन सिंह सेववाला ने विचार रखे।पलस मंच के अध्यक्ष अमोलक सिंह, डॉ. नवशरण के परिवार की ओर से डॉ. अरीत, प्रख्यात रंगकर्मी डॉ. साहिब सिंह और केवल धालीवाल, जम्हूरी अधिकार सभा के प्रदेश नेता बूटा सिंह महमूदपुर, प्रगतिशील लेखक संघ और केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा के नेता डॉ सुखदेव सिरसा तथा तर्कशील नेता सुमत ने एकजुटता का संदेश भी दिया.
वक्ताओं ने कहा कि हमारे पुरुष प्रधान समाज में महिलाएं सदियों से उत्पीड़न, जबर्दस्ती, यौन शोषण और असमानता का शिकार रही हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के सत्ता में आने के बाद महिलाओं के साथ अन्याय, बलात्कार और ज्यादती हुई है एवं यह मामले दिन- ब- दिन शिखर छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की मन्नू सिमरती पर आधारित महिला विरोधी सोच और संस्कृति का ही परिणाम है कि यौन शोषण की शिकार देश की चर्चित महिला पहलवानों को न्याय पाने के लिए महीनों तक आन्दोलन करना पड़ रहा है। सरकार न्याय देने के बजाय आरोपी बृज भूषण को बचा रही है, जिससे नामजद आरोपी महिला पहलवानों के खिलाफ घटिया बयान दे रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार दिन-ब-दिन सिर्फ दिखावे के लिए लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और देश में अघोषित आपातकाल लगा रही है, इसलिए देश के जनपक्षधर बुद्धिजीवियों और लोकतांत्रिक अधिकारों के कार्यकर्ताओं को जेलों में डाला जा रहा है। एसी नीति के तहत डॉ. नवशरण को ईडी के जरिए जांच के बहाने प्रताड़ित किया जा रहा है और मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन एक्ट के तहत झूठे केस में फंसाने का आधार तैयार किया जा रहा है। उन्होंने डॉ. नवशरण और अन्य महिला कार्यकर्ताओं से दूर रहने की चेतावनी दी और कहा कि अगर मोदी सरकार पीछे नहीं हटती है, तो उन्हें संयुक्त और व्यापक संघर्ष का खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
आज की सभा ने जंतर-मंतर दिल्ली से नए संसद भवन की ओर जा रहे गिरफ्तार पहलवान लड़के-लड़कियों की तत्काल रिहाई के लिए जोरदार आवाज उठाई।